वित्तीय साक्षरता क्यों आवश्यक है?
- सही वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता
वित्तीय साक्षरता से व्यक्ति अपनी आय, खर्च, बचत और निवेश के बारे में सूचित निर्णय ले सकता है, जिससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। - ऋण प्रबंधन में सहायता
यह अच्छे और बुरे ऋण के बीच अंतर समझने में मदद करती है, जिससे अनावश्यक कर्ज से बचा जा सकता है। - आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी
वित्तीय साक्षरता से आपातकालीन निधि बनाने की आदत विकसित होती है, जो अनपेक्षित खर्चों में सहारा बनती है। - लंबी अवधि के लक्ष्यों की प्राप्ति
यह सेवानिवृत्ति, बच्चों की शिक्षा या घर खरीदने जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों की योजना बनाने और उन्हें प्राप्त करने में सहायक होती है। - आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता
वित्तीय साक्षरता से व्यक्ति दूसरों पर निर्भर हुए बिना अपने वित्तीय निर्णय स्वयं ले सकता है।
भारत में वित्तीय साक्षरता की स्थिति
भारत में वित्तीय साक्षरता का स्तर अभी भी अपेक्षाकृत कम है। राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र (NCFE) और अन्य संस्थाएं इस स्थिति में सुधार लाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही हैं, जैसे स्कूलों में वित्तीय शिक्षा का समावेश और जागरूकता अभियान।