जरूरतें बनाम इच्छाएं: समझदारी से खर्च करने की कला

पैसे का सही उपयोग करने के लिए यह जानना आवश्यक है कि हमारी “जरूरतें” क्या हैं और “इच्छाएं” क्या हैं।

जरूरतें (Needs)

जरूरतें वे चीजें हैं जो हमारे जीवन के लिए अनिवार्य हैं। इनमें शामिल हैं:

  • खाद्य और पानी
  • आवास और कपड़े
  • स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा
  • संचार और परिवहन के मूल साधन

इनके बिना जीवन कठिन हो सकता है।

इच्छाएं (Wants)

इच्छाएं वे चीजें हैं जो हम चाहते हैं, लेकिन उनके बिना भी हम जीवित रह सकते हैं। उदाहरण:

  • स्मार्टफोन का नया मॉडल
  • ब्रांडेड कपड़े
  • लक्जरी कार या महंगे गैजेट्स
  • विदेश यात्रा

ये हमारी जीवनशैली को बेहतर बना सकते हैं, लेकिन आवश्यक नहीं हैं।

व्यसन और अनावश्यक खर्च

धूम्रपान, शराब, जुआ आदि न केवल अनावश्यक हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं। इनसे बचना चाहिए।

प्राथमिकताओं का निर्धारण: 4-चतुर्थांश विधि

अपने खर्चों को चार भागों में विभाजित करें:

  1. उच्च प्राथमिकता की जरूरतें: खाद्य, आवास, शिक्षा।
  2. कम प्राथमिकता की जरूरतें: साधारण कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएं।
  3. उच्च प्राथमिकता की इच्छाएं: उन्नत शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा।
  4. कम प्राथमिकता की इच्छाएं: लक्जरी आइटम्स, महंगे गैजेट्स।

इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कहाँ खर्च करना है और कहाँ बचत करनी है।

बजट बनाना और खर्च की योजना

  • अपनी आय का 50% आवश्यकताओं पर खर्च करें।
  • 30% इच्छाओं पर खर्च करें।
  • 20% बचत और निवेश के लिए रखें।

यह 50/30/20 नियम आपके वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।

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